‘घसीटा गया, पंच मारे, नाक से खून आया, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान को जाना होगा’: राहुल गांधी ने छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में की PM से माफी की मांग

नई दिल्ली (राजधानी न्यूज):

नीट (NEET) पेपर लीक विवाद और 20 जुलाई को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के ‘संसद चलो मार्च’ के दौरान छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को दिल्ली के इंदिरा भवन में 40 मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस की. राहुल ने इस दौरान चार स्लाइडों के साथ पावर-पॉइंट प्रेजेंटेशन दिया और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला.

21 जुलाई को पीएम आवास के पास प्रदर्शन के दौरान खुद के साथ हुई पुलिस कार्रवाई का जिक्र करते हुए राहुल ने दावा किया, “जब पुलिसवाले मुझे हटाने आए तो उन्होंने मेरे कान में कहा— सरकार को हटाइए. मुझे घसीटा गया तो नाक-मुंह से खून आया, मुझे दो-तीन पंच भी लगे… लेकिन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जाना होगा.”

राहुल की प्रेस कॉन्फ्रेंस में 4 प्रेजेंटेशन: क्या-क्या दिखाया?

राहुल गांधी ने अपनी 40 मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य रूप से चार स्लाइडें (प्रेजेंटेशन) दिखाईं और आंकड़ों के जरिए केंद्र सरकार को घेरा.

1. छात्रों और महिलाओं के साथ बर्बरता का वीडियो: पहली स्लाइड में राहुल ने 20 जुलाई के प्रदर्शन की क्लिप चलाई. इसमें उन्होंने आरोप लगाया:

  • महिलाओं से बदसलूकी: वीडियो में पुलिस महिलाओं के साथ अभद्रता करती दिख रही है. डीसीपी संदीप लांबा पर एक लड़की को थप्पड़ मारने के आरोप का जिक्र किया गया.
  • पैलेट गन का इस्तेमाल: राहुल ने दावा किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ. एक छात्र के शरीर पर छर्रे के निशान भी दिखाए गए (हालांकि, पुलिस ने पैलेट गन के इस्तेमाल से इनकार किया है).
  • घायल छात्रों की चीख-पुकार: वीडियो में छात्रों पर अचानक लाठीचार्ज, उनके सिर से खून बहना और उन्हें घसीटे जाने के दृश्य दिखाए गए.

2. ‘पेपर लीक में अब तक किसी को सजा नहीं’: दूसरी स्लाइड में राहुल ने पेपर लीक के डराने वाले आंकड़े रखे. उन्होंने कहा कि पिछले 10 सालों में 152 से ज्यादा पेपर लीक हुए हैं, जिससे 7.5 करोड़ छात्रों और उनके परिवारों का भविष्य बर्बाद हुआ है. लेकिन अब तक किसी भी बड़े मामले में असली दोषियों को कोई सजा नहीं मिली.

3. ‘नीट’ का खर्च शिक्षा बजट से भी ज्यादा: तीसरी स्लाइड सबसे चौंकाने वाली थी. राहुल ने वित्तीय आंकड़े देते हुए बताया कि भारत सरकार का कुल शिक्षा बजट लगभग 1.4 लाख करोड़ रुपये है, जबकि केवल नीट (NEET) की तैयारी और एग्जाम पर भारतीय परिवार हर साल 1.32 लाख करोड़ रुपये खर्च करते हैं.

4. राहुल की 3 प्रमुख मांगें: चौथी स्लाइड में राहुल ने कांग्रेस की तरफ से तीन साफ मांगें रखीं:

  1. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत इस्तीफा दें.
  2. छात्रों पर लाठीचार्ज और बर्बरता करने वाले पुलिस अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो.
  3. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे देश के छात्रों से इस घटना के लिए माफी मांगें.

21 जुलाई: जब हाथ बांधे पीएम आवास घेरने पहुंचे राहुल गांधी

राहुल गांधी ने 21 जुलाई को नीट पेपर लीक मामले में प्रधानमंत्री आवास के पास करीब 3 घंटे तक अभूतपूर्व प्रदर्शन किया.

  • प्रतीकात्मक विरोध: राहुल ने अपने दोनों हाथ बांध रखे थे, जो इस बात का प्रतीक था कि सरकार विपक्ष की आवाज को दबा रही है.
  • पुलिस ने घसीटा: जब वे वहां से हटने को तैयार नहीं हुए, तो पुलिस और सुरक्षाबलों के चार जवानों (दो ने हाथ और दो ने पैर पकड़े) ने उन्हें जबरन उठाकर बस में डाल दिया.
  • चोट और डिटेंशन: इस दौरान राहुल की नाक में चोट लगी और खून बहने की तस्वीरें भी सामने आईं. उन्हें छत्रसाल स्टेडियम में बने डिटेंशन सेंटर में रखा गया. जब वे रिहा हुए, तो उनके एक पैर में जूता तक नहीं था और कपड़े गंदे थे.

सीक्रेट प्लानिंग: कांग्रेस ने कैसे किया पीएम आवास का घेराव?

21 जुलाई के प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस ने एक फुल-प्रूफ ‘सीक्रेट प्लानिंग’ की थी, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को भी चकमा दे दिया:

  1. जन्मदिन न मनाने का ऐलान: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 21 जुलाई को अपना जन्मदिन मनाने से इनकार कर दिया और कहा कि छात्रों पर हुई बर्बरता के कारण वे जश्न नहीं मनाएंगे.
  2. बधाई के बहाने सीक्रेट मीटिंग: दोपहर में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत बड़े नेता खड़गे के सरकारी आवास पहुंचे. एजेंसियों को लगा कि वे सिर्फ जन्मदिन की बधाई देने आए हैं.
  3. अचानक पैदल मार्च: खड़गे के आवास से पीएम आवास महज 1 किलोमीटर दूर है. मीटिंग के तुरंत बाद कांग्रेस नेता गाड़ियों की बजाय अचानक पैदल ही सड़क पर निकल पड़े. जब तक पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) बैरिकेड्स लगाती, तब तक कांग्रेस पीएम आवास के बेहद करीब पहुंच चुकी थी.

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