बरी होने के बाद बृजभूषण शरण सिंह का तंज: बोले- “महिला पहलवानों की कृपा से मैं वर्ल्ड फेमस हो गया, जैसे राम के लिए कैकेयी बनीं, वैसे ही हुआ”

नोएडा/लखनऊ (राजधानी न्यूज): महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से बाइज्जत बरी होने के बाद भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने मंगलवार (4 अगस्त 2026) को एक बड़ा बयान दिया है. नोएडा में आयोजित एक स्वागत समारोह के दौरान मीडिया और समर्थकों को संबोधित करते हुए बृजभूषण ने पहलवानों पर तंज कसा और पूरे घटनाक्रम की तुलना पौराणिक गाथाओं से कर डाली.

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, “पहले मुझे केवल उत्तर प्रदेश के लोग जानते थे, लेकिन अब इन ‘देवी जी’ (महिला पहलवानों) लोगों की कृपा से मैं वर्ल्ड फेमस (दुनियाभर में मशहूर) आदमी हो गया हूं.” उन्होंने आगे कहा कि कोर्ट से बरी होने के बाद उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है जैसे वे कोई बहुत बड़ी जंग जीतकर वापस आए हों.

‘कैकेयी की वजह से मर्यादा पुरुषोत्तम बने थे राम’

संबोधन के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने रामायण और महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा कि जीवन में घटने वाली हर घटना के पीछे भगवान का कोई न कोई बड़ा उद्देश्य छिपा होता है.

  • राम और कैकेयी का उदाहरण: “अगर माता कैकेयी ने भगवान राम के लिए 14 वर्ष का वनवास न मांगा होता, तो श्रीराम कभी मर्यादा पुरुषोत्तम नहीं बनते. कैकेयी ने जीवनभर अपयश झेला, लेकिन उसी निर्णय ने श्रीराम को महान बनाया. भगवान ने पहलवानों के कंधे पर बंदूक रखकर मेरे खिलाफ आरोप लगवाए. इन बेचारों का कोई दोष नहीं था, फिर भी ये लोग कलंक के भागी बन गए.”
  • द्रोणाचार्य और एकलव्य का जिक्र: उन्होंने द्रोणाचार्य का जिक्र करते हुए कहा कि गुरु द्रोणाचार्य ने भी एकलव्य का अंगूठा मांगकर अपने ऊपर कलंक लिया था, लेकिन उसी फैसले ने एकलव्य को महान धनुर्धर बना दिया.

बेटी ने भाषण के बीच टोका: “इतना गंदा मत कहिए”

नोएडा स्थित आवास पर यह स्वागत समारोह बृजभूषण की बेटी शालिनी सिंह द्वारा आयोजित किया गया था. भाषण के दौरान जब बृजभूषण ने पहलवानों की ओर इशारा करते हुए “इन देवी जी लोगों” शब्द का इस्तेमाल किया, तो उनकी बेटी शालिनी सिंह ने बीच में ही उन्हें टोकते हुए कहा— “इतना गंदा मत कहिए.” इस पर पूर्व सांसद ने तुरंत सफाई देते हुए कहा, “मैं आपको नहीं कह रहा हूं.”

बृजभूषण ने रामचरितमानस की चौपाई “सुनहु भरत भावी प्रबल…” का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए बने कानून बेहद जरूरी हैं, लेकिन आज के समय में इनका दुरुपयोग भी बहुत अधिक बढ़ गया है.

पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र भी पहुंचे, दी बधाई

इस स्वागत समारोह में राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र विशेष रूप से मौजूद रहे. उन्होंने बृजभूषण शरण सिंह को यौन उत्पीड़न मामले में बरी होने पर बधाई दी.

  • कलराज मिश्र का बयान: “बृजभूषण शरण सिंह और उनके परिवार में भरपूर प्रतिभा है. मैं चाहता हूं कि बृजभूषण और उनका परिवार अपने व्यवहार, कर्तव्य और आचरण के बल पर लगातार आगे बढ़ता रहे. वे भविष्य में भी समाज का नेतृत्व करते रहें और लोगों को प्रेरित करें.”

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