लखनऊ में UPSSSC कनिष्ठ सहायक के अभ्यर्थियों का हल्लाबोल: पिकअप भवन पर प्रदर्शन, 4 साल बाद भी 5512 पदों का फाइनल रिजल्ट न आने से भारी नाराजगी

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की कनिष्ठ सहायक (Junior Assistant) भर्ती परीक्षा 2022 के अभ्यर्थियों का सब्र आखिरकार सोमवार (24 अगस्त 2026) को जवाब दे गया. प्रदेशभर के विभिन्न जिलों से लखनऊ पहुंचे सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने गोमतीनगर स्थित आयोग के कार्यालय ‘पिकअप भवन’ पर जोरदार प्रदर्शन किया.

कुल 5512 पदों पर निकली इस भर्ती प्रक्रिया के 4 साल बाद भी अंतिम परिणाम (Final Result) जारी न होने से अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश है. हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर पहुंचे युवाओं ने आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द से जल्द रिजल्ट जारी कर नियुक्ति देने की मांग की.

2022 से अब तक: अभ्यर्थियों द्वारा दर्शाई गई पूरी टाइमलाइन

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने अपने हाथों में पोस्टर लेकर पूरी भर्ती प्रक्रिया की लंबी खिंचती टाइमलाइन मीडिया के सामने रखी:

  • अक्टूबर 2022: UPSSSC PET परीक्षा का आयोजन.
  • 4 अगस्त 2022: जूनियर असिस्टेंट 5512 पदों का आधिकारिक भर्ती विज्ञापन जारी.
  • 24 मार्च 2024: शॉर्टलिस्टिंग प्रक्रिया पूरी.
  • 29 जून 2024: मुख्य लिखित परीक्षा का आयोजन.
  • 7-8 अक्टूबर 2025: टाइपिंग टेस्ट की कटऑफ और तिथियों की घोषणा.
  • 23 नवंबर – 17 दिसंबर 2025: टाइपिंग परीक्षा का आयोजन.
  • 25-26 फरवरी 2026: टाइपिंग परीक्षा का परिणाम घोषित.
  • 8 मई – 8 जुलाई 2026: डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV) का चरण पूरा.

“सभी चरण पूरे, फिर भी फाइनल रिजल्ट अटका; आर्थिक स्थिति हुई बदतर”

पिकअप भवन पर प्रदर्शन में शामिल होने जौनपुर से आए अभ्यर्थी विवेक और अन्य छात्रों ने अपनी व्यथा साझा करते हुए कहा कि भर्ती के सभी अनिवार्य चरण— लिखित परीक्षा, स्किल/टाइपिंग टेस्ट और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV)— सफलता पूर्वक पूरे किए जा चुके हैं. जुलाई 2026 में डीवी समाप्त होने के बावजूद आयोग अंतिम चयन सूची जारी करने में देरी कर रहा है.

अभ्यर्थियों का कहना है कि 4 साल से नौकरी का इंतजार करते-करते उनकी और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी है. कई युवा ओवरएज होने की कगार पर हैं. अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि आयोग ने जल्द से जल्द परिणाम घोषित कर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं की, तो वे अनिश्चितकालीन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.

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