लखनऊ: नवाबी नगरी लखनऊ के दिल कहे जाने वाले हजरतगंज इलाके में मंगलवार, 9 जून 2026 को एक बेहद खूबसूरत और पुण्यमयी नजारा देखने को मिला। हजरतगंज स्थित प्रतिष्ठित कैथेड्रल स्कूल के मुख्य द्वार पर स्कूल की एलुमिनाई एसोसिएशन (पूर्व छात्र संगठन) की ओर से एक भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। जून महीने की इस तपती और झुलसाने वाली भीषण गर्मी के बीच शुरू हुए इस भंडारे ने हजरतगंज से गुजरने वाले हजारों राहगीरों, स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों को न सिर्फ राहत पहुंचाई, बल्कि समाज में आपसी भाईचारे और सेवा भाव का एक बड़ा संदेश भी दिया।
इस धार्मिक और सामाजिक आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि इसे स्कूल प्रशासन का पूरा साथ मिला। कैथेड्रल स्कूल के प्रधानाचार्य फादर पॉल कोररया के विशेष सहयोग, प्रेरणा और कुशल मार्गदर्शन के चलते ही इस पूरे आयोजन को बेहद अनुशासित और भव्य तरीके से संपन्न कराया जा सका। सुबह से ही स्कूल के मुख्य गेट पर श्रद्धालुओं और राहगीरों की भारी भीड़ जुटने लगी थी। स्कूल स्टाफ, पूर्व छात्रों और वर्तमान छात्रों ने मिलकर इस सेवा कार्य में अपना हाथ बंटाया, जिससे पूरा माहौल बेहद उत्साहजनक और सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर नजर आया।
गुरुओं और पूर्व छात्रों का अद्भुत संगम, पूड़ी-सब्जी और कढ़ी-चावल का खुला अटूट लंगर
हजरतगंज के चौराहे और मार्ग वैसे तो हमेशा अपनी चकाचौंध के लिए जाने जाते हैं, लेकिन मंगलवार को यहाँ भक्ति और सेवा की एक अलग ही बयार बह रही थी। भंडारे की शुरुआत बेहद पावन माहौल में हुई, जहाँ स्कूल के वर्तमान प्रधानाचार्य फादर पॉल कोररया के साथ-साथ पूर्व प्रधानाचार्य फादर रोनाल्ड डिसूजा की गरिमामयी मौजूदगी ने पूर्व छात्रों का उत्साह दोगुना कर दिया। अपने पुराने गुरुओं को अपने बीच पाकर एलुमिनाई एसोसिएशन के सदस्य बेहद प्रफुल्लित दिखे और गुरुओं ने भी बच्चों के इस सेवा भाव को दिल खोलकर आशीर्वाद दिया।
इस भव्य लंगर में आने वाले हर शख्स के लिए बेहद शुद्ध और स्वादिष्ट भोजन की व्यवस्था की गई थी। मुख्य द्वार के पास बड़े-बड़े काउंटरों से हजारों की संख्या में आए श्रद्धालुओं और आम जनता को गरमा-गरम पूड़ी-सब्जी और उत्तर भारत का पसंदीदा कढ़ी-चावल प्रसाद के रूप में पूरी श्रद्धा के साथ परोसा गया। हजरतगंज की चिलचिलाती धूप में सफर कर रहे राहगीरों, रिक्शा चालकों, ऑटो ड्राइवरों और दफ्तर आने-जाने वाले लोगों ने रुककर बेहद आदर के साथ प्रभु का प्रसाद ग्रहण किया और इस नेक पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
शारिक और गर्वित की अगुवाई में जुटी टीम, इन दिग्गजों ने संभाली सेवा की कमान
कैथेड्रल स्कूल एलुमिनाई एसोसिएशन के इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए संगठन के पदाधिकारियों ने दिन-रात एक कर दिया था। एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहम्मद शारिक और सचिव गर्वित हलवासिया की अगुवाई में पूरी टीम ने ग्राउंड जीरो पर कमान संभाल रखी थी। भोजन की शुद्धता से लेकर लोगों के बैठने और प्रसाद वितरण की व्यवस्था को ट्रेजरार आलोक श्रीवास्तव ने बेहद बारीकी से संभाला, ताकि हजरतगंज की व्यस्त सड़क पर ट्रैफिक या किसी भी आम नागरिक को कोई असुविधा न होने पाए।
इस पुनीत कार्य में संगठन के अन्य प्रमुख पदाधिकारियों और सक्रिय सदस्यों ने भी बढ़-चढ़कर अपना योगदान दिया। आयोजन को सुचारू रूप से चलाने में नूपुर सिंह, पुनीत जैसवाल, विशाल सलूजा, सरदार पवनदीप सिंह, देवांश मिश्रा, देवांशु मिश्रा, तुषार गौर, सोमनाथ और अनुभव आलोक आदि ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूर्व छात्रों की इस एकजुटता को देखकर स्थानीय प्रशासन और पुलिस के जवानों ने भी व्यवस्था बनाए रखने में उनका सहयोग किया।

सोशल मीडिया पर सराहना, एसोसिएशन बोली- आगे भी जारी रहेगा सामाजिक सरोकार का यह सफर
इस भव्य भंडारे की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही स्थानीय लोगों ने कैथेड्रल स्कूल और उसके पूर्व छात्रों की इस पहल को हाथों-हाथ लिया। लखनऊ एडमिनिस्ट्रेशन और स्थानीय पुलिस को टैग करते हुए लोगों ने इस सफल और शांतिपूर्ण आयोजन की तारीफ की। भीषण गर्मी के इस मौसम में जब लोगों का घरों से निकलना दूभर हो रहा है, तब इन युवाओं द्वारा सड़क पर उतरकर भूखों और प्यासों की सेवा करना वाकई एक अनुकरणीय कदम है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहम्मद शारिक और सचिव गर्वित हलवासिया ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि कैथेड्रल स्कूल ने उन्हें हमेशा से सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाना भी सिखाया है। उन्होंने संकल्प जताते हुए कहा कि सामाजिक सरोकारों और दीन-दुखियों की सेवा के उद्देश्य से इस तरह के धार्मिक व सामाजिक आयोजन भविष्य में भी लगातार किए जाते रहेंगे। इस सफल आयोजन के समापन पर संस्था ने उन सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस भंडारे को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।
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