लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र से एक बेहद डरावनी और बड़ी खबर सामने आ रही है। सोमवार दोपहर अलीगंज के सेक्टर डी (पुरनिया) स्थित एक बहुमंजिला इमारत में चल रहे निजी कोचिंग सेंटर में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी बिल्डिंग में दमघोंटू काला धुआं भर गया।
धुएं और लपटों को देखकर कोचिंग के भीतर पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं में हड़कंप और भगदड़ मच गई। खुद को आग के जाल में घिरा देख कई छात्रों ने अपनी जान बचाने के लिए बिल्डिंग की ऊपरी मंजिलों से नीचे छलांग लगा दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल और झुलस गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दर्दनाक हादसे का तत्काल संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन और दमकल विभाग को युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाने के निर्देश दिए हैं।
दमकल की कई गाड़ियां मौके पर, अंदर कई बच्चों के फंसे होने की आशंका
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सोमवार दोपहर को पुरनिया स्थित इस व्यावसायिक भवन से अचानक धुएं का भारी गुबार उठता दिखाई दिया। जब तक लोग कुछ समझ पाते, आग ने पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। आसपास के दुकानदारों और नागरिकों ने तुरंत इसकी सूचना फायर ब्रिगेड और स्थानीय पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही दमकल की तीन गाड़ियां और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचे, लेकिन आग की भयावहता को देखते हुए तुरंत बाद में और भी गाड़ियां बुलाई गईं। फायर फाइटर्स ने एक तरफ से आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की, तो दूसरी तरफ क्रेन और सीढ़ियों की मदद से अंदर फंसे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। स्थानीय लोगों के अनुसार, अभी भी कुछ बच्चों के बिल्डिंग के भीतर फंसे होने की गंभीर आशंका बनी हुई है, जिन्हें निकालने के प्रयास जारी हैं।
जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदे छात्र, मची भगदड़
कोचिंग सेंटर के भीतर मौजूद छात्रों ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने और मुख्य दरवाजे से बाहर निकलने का रास्ता ही नहीं मिला। चारों तरफ सिर्फ धुआं ही धुआं था, जिससे सांस लेना दूभर हो गया।
दम घुटने और जलने के डर से कई छात्र खिड़कियों और बालकनी की तरफ भागे और जान बचाने के लिए ऊंचाई से ही नीचे कूद गए। नीचे गिरने की वजह से कई बच्चों के हाथ-पैर टूट गए हैं और वे गंभीर रूप से चोटिल हो गए हैं। पुलिस और स्थानीय नागरिकों की मदद से घायल और झुलसे हुए छात्रों को तुरंत एंबुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पतालों और केजीएमयू (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर भिजवाया जा रहा है। हालांकि, आग लगने के स्पष्ट कारणों (शॉर्ट सर्किट या अन्य वजह) का अभी तक आधिकारिक पता नहीं चल सका है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिए राहत, बचाव और मुफ्त इलाज के निर्देश
अलीगंज में हुए इस भीषण अग्निकांड की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख जताया और वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचने का हुक्म दिया।
सीएम के कड़े निर्देश: मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन, पुलिस कमिश्नरेट और फायर ब्रिगेड के आला अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे मौके पर ही कैंप करें और राहत व बचाव कार्य (Rescue Operation) में तेजी लाएं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि ऊंचाई से कूदने के कारण घायल हुए और झुलसे हुए सभी छात्रों को तुरंत लखनऊ के सर्वश्रेष्ठ अस्पतालों में भर्ती कराया जाए और उनके समुचित व मुफ्त इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, प्रशासन को हर स्तर पर पूरी सतर्कता बरतने को कहा गया है।




