गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के बांसगांव थाना क्षेत्र स्थित बलुआ गांव में रविवार देर रात एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहां महज 16 साल के एक किशोर ने पारिवारिक कलह और हीन भावना के चलते अपने ही सगे बड़े भाई अमित गुप्ता (38), भाभी रंजना गुप्ता (34) और 3 साल के मासूम भतीजे रेयान की बेरहमी से हत्या कर दी। आधी रात को अंजाम दिए गए इस तिहरे हत्याकांड (Triple Murder) से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. कौस्तुभ, एसपी दक्षिणी दिनेश कुमार पुरी और फॉरेंसिक टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और छत पर छिपे आरोपी किशोर को आला कत्ल (रॉड, हँसिया और बांका) के साथ हिरासत में ले लिया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. कौस्तुभ, एसपी दक्षिणी दिनेश कुमार पुरी और फॉरेंसिक टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
मोबाइल चलाकर परिवार के सोने का करता रहा इंतजार
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी किशोर रविवार की देर रात तक अपने मोबाइल फोन पर लगा रहा। वह केवल इस बात का इंतजार कर रहा था कि कब उसका बड़ा भाई और उसका परिवार गहरी नींद में सो जाए। अधिक गर्मी होने के कारण अमित के कमरे का दरवाजा खुला हुआ था।
जैसे ही रात के करीब ढाई बजे सब सो गए, आरोपी लोहे की रॉड, हँसिया और बांका लेकर कमरे में दाखिल हुआ। उसने सबसे पहले बेड पर सो रहे अपने बड़े भाई अमित के सिर पर रॉड से जोरदार प्रहार किया, जिससे अमित संभल नहीं पाया। इसके बाद उसने हँसिए और बांके से अमित की गर्दन पर कई वार किए। इस दौरान हुई हलचल और चीख-पुकार से भाभी रंजना और 3 वर्षीय मासूम बेटे रेयान की नींद खुल गई, लेकिन बेरहम कातिल ने उन दोनों पर भी ताबड़तोड़ हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया।
गोद ली बेटी ने भागकर बचाई जान, दादा को दी सूचना
जिस वक्त यह खौफनाक कत्लेआम चल रहा था, उसी कमरे में अमित की 9 वर्षीय गोद ली हुई बेटी रुबिका भी सो रही थी। शोर सुनकर जब उसकी आंख खुली तो वह अपनी आंखों के सामने माता-पिता और भाई का कत्ल होते देख चीख पड़ी। आरोपी ने उसे भी निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन रुबिका सूझबूझ दिखाते हुए किसी तरह कमरे से बाहर की तरफ भागी।
वह सीधे नीचे की मंजिल पर सो रहे अपने दादा हरिलाल गुप्ता के पास पहुंची और रोते हुए पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद बदहवास पिता हरिलाल गुप्ता ने रात करीब 3 बजे यूपी डायल-112 पर कॉल करके पुलिस को इस सामूहिक हत्याकांड की सूचना दी।
पिता पर लगाया बड़े भाई को अधिक महत्व देने का आरोप
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने हत्या की जो वजह बताई, उसने पारिवारिक रिश्तों के खोखलेपन को उजागर कर दिया है। आरोपी का आरोप है कि उसके पिता हरिलाल गुप्ता उसे हमेशा नजरअंदाज करते थे और बड़े भाई अमित को ज्यादा महत्व देते थे।
दुकान का विवाद: हरिलाल गुप्ता घर के सामने ही किराना और अंडे की दुकान चलाते हैं। पहले इस दुकान को छोटा बेटा (आरोपी) संभालता था। लेकिन करीब एक साल पहले जब बड़ा भाई अमित कोलकाता से नौकरी छोड़कर घर लौटा, तो पिता ने दुकान की पूरी जिम्मेदारी अमित को सौंप दी। पिता चाहते थे कि छोटा बेटा अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे, जबकि वह अपना अलग कारोबार शुरू करने के लिए पिता से रुपयों की मांग कर रहा था। इसी उपेक्षा और खुन्नस की भावना में उसने इस बड़ी वारदात को अंजाम दे डाला।
घर के बाहर बैठे मायूस पिता
एफआईआर दर्ज, किशोर न्यायालय में पेशी की तैयारी
एसपी दक्षिणी दिनेश कुमार पुरी ने बताया कि मृतक अमित के पिता हरिलाल गुप्ता की लिखित तहरीर के आधार पर बांसगांव थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस और फॉरेंसिक विंग ने घटनास्थल से सभी आवश्यक साक्ष्य और फिंगरप्रिंट्स जुटा लिए हैं। चूंकि आरोपी नाबालिग है, इसलिए विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और दोपहर बाद उसे किशोर न्याय बोर्ड (Juvenile Justice Board) के समक्ष पेश किया जाएगा। इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार और पूरे बलुआ गांव में मातम पसरा हुआ है।