लखनऊ में मानव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश: मां से मिलाने का लालच देकर 2 किशोरियों को अगवा करने वाली मास्टरमाइंड युवती और लिव-इन पार्टनर समेत 4 गिरफ्तार

लखनऊ (राजधानी न्यूज): राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके से पुलिस ने बच्चियों की खरीद-फरोख्त करने वाले एक बेहद शातिर और अमानवीय मानव तस्करी (ह्यूमन ट्रैफिकिंग) गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर और असहाय नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर राजस्थान ले जाता था और वहां पैसों के बदले जबरन उनकी शादी करवा देता था।

मोहनलालगंज पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए गिरोह की मुख्य सरगना (मास्टरमाइंड) युवती, उसके लिव-इन पार्टनर समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। पुलिस ने इनके चंगुल से लखनऊ की दो सगी नाबालिग बहनों को सकुशल बरामद करने में सफलता हासिल की है।

12 मई को लखनऊ से गायब हुई थीं दो बहनें, 150 CCTV खंगालकर हुआ रेस्क्यू

डीसीपी साउथ अमित कुमार आनंद ने इस पूरे मामले और रेस्क्यू ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी साझा की:

  • नानी ने दर्ज कराई थी शिकायत: बीती 12 मई को मोहनलालगंज इलाके की रहने वाली एक महिला ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी 16 और 12 वर्षीय दो नाबालिग नातिनों को उनका एक नाबालिग रिश्तेदार और उसकी साथी प्रिया पटेल बहला-फुसलाकर अपने साथ कहीं ले गए हैं। पुलिस ने तत्काल अपहरण का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
  • 4 टीमों का कड़ा पहरा: डीसीपी साउथ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत 4 विशेष पुलिस टीमों का गठन किया। पुलिस टीमों ने करीब 150 सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली। कड़े टेक्निकल और मैनुअल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 18 मई को ही दोनों बालिकाओं को सकुशल बरामद कर लिया था। बच्चियों ने अपने बयानों में खुलासा किया कि उन्हें जबरन शादी कराने के लिए राजस्थान के कोटा ले जाया जा रहा था।
  • क्रॉसिंग के पास से गिरफ्तारी: बच्चियों के बयान के बाद पुलिस ने आरोपियों पर शिकंजा कसा और बुधवार को अतरौली क्रॉसिंग के पास से रायबरेली निवासी मुख्य आरोपी अनुराग यादव (25), मोहम्मद अख्तर (32), प्रिया पटेल (23) और एक 17 साल के नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया।

“तुम्हारी मां से मिलवाएंगे…” – मासूमों को ऐसे फंसाया जाल में

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बच्चियों को अगवा करने का जो तरीका बताया, वह बेहद चौंकाने वाला है:

  • ममता का झूठा सहारा: मुख्य आरोपी प्रिया पटेल ने अपने साथी नाबालिग लड़के की मदद से दोनों बहनों का भरोसा जीता। उसने बच्चियों को लालच दिया कि वह उन्हें उनकी मां से मिलवाएगी, जो कई साल पहले कहीं चली गई थी। मां से मिलने की चाहत में दोनों मासूम बच्चियां चुपचाप उनके साथ चली गईं।
  • कोटा व्हाट्सएप पर भेजी तस्वीरें: आरोपी बच्चियों को लेकर सबसे पहले रायबरेली पहुंचे। वहां गिरोह ने दोनों बहनों को नए कपड़े पहनाए और उनकी तस्वीरें खींचीं। इसके बाद इन तस्वीरों को राजस्थान के कोटा में बैठी गिरोह की मुख्य डीलर सोनम और उसके पति भूपेंद्र चौधरी को व्हाट्सएप (WhatsApp) पर भेजा गया। वहां से हरी झंडी और बच्चियों को कोटा लाने के निर्देश मिलने के बाद आरोपी उन्हें ले जाने की फिराक में थे।

एक लड़की की शादी पर मिलता था 1.5 लाख रुपए तक कमीशन

पुलिस जांच और पूछताछ में मुख्य आरोपी प्रिया पटेल ने कुबूल किया कि वह साल 2020 में कोटा की रहने वाली सोनम से मिली थी। सोनम ने ही उसे गरीब और सुंदर लड़कियों की शादी के नाम पर मोटी रकम कमाने का लालच देकर इस धंधे में उतारा था।

  • लिव-इन पार्टनर के साथ मिलकर बनाया गैंग: इसके बाद प्रिया अपने लिव-इन पार्टनर अनुराग यादव और साथी मोहम्मद अख्तर के साथ मिलकर एक एक्टिव गैंग चलाने लगी। यह गैंग ऐसे गरीब परिवारों की लड़कियों की तलाश करता था, जिनके या तो माता-पिता न हों या फिर आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर हो।
  • पहले भी दो बहनों का कर चुके हैं सौदा: आरोपियों को उन्हें नए कपड़े दिलाने और घुमाने-फिराने का लालच देकर अपने साथ लाना होता था। पूछताछ में प्रिया ने बताया कि राजस्थान में एक लड़की का सौदा करने पर सोनम और उसका पति भूपेंद्र उन्हें 1 से 1.5 लाख रुपए तक का मोटा कमीशन देते थे। आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया है कि वे इससे पहले भी रायबरेली की दो सगी बहनों को इसी तरह राजस्थान में शादी के नाम पर बेच चुके हैं।

फिलहाल, मोहनलालगंज पुलिस ने सभी चारों आरोपियों को जेल भेज दिया है। पुलिस अब इस अंतरराज्यीय गिरोह के अन्य सदस्यों और विशेष रूप से राजस्थान के कोटा में बैठकर यह रैकेट चलाने वाली सोनम और उसके पति भूपेंद्र चौधरी की गिरफ्तारी के लिए राजस्थान पुलिस से संपर्क कर लगातार दबिश दे रही है। ‘The Lucknow 360’ क्षेत्र की जनता से अपील करता है कि अपने बच्चों के प्रति सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध अजनबी पर भरोसा न करें।

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