पश्चिम बंगाल (राजधानी न्यूज डेस्क): बंगाल की राजनीति में इस बार केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी उभरकर सामने आई है, जो भविष्य के लिए उम्मीद की मिसाल बन गई है। भाजपा की कलिता माझी ने औसग्राम (SC) विधानसभा सीट (संख्या 273) पर जीत दर्ज कर यह साबित कर दिया है कि लोकतंत्र में आम आदमी की इच्छाशक्ति से बढ़कर कुछ नहीं है।
चार घरों में घरेलू कामगार के तौर पर काम करने वाली और महीने के महज 2,500 रुपये कमाने वाली कलिता माझी का यह सफर किसी फिल्म की पटकथा जैसा है, जिसने परंपरावादी राजनीति के दिग्गजों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है।
चुनावी परिणाम: एक नजर में
इस ऐतिहासिक मुकाबले में कलिता माझी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के श्यामा प्रसन्न लोहार को करारी शिकस्त दी।
| उम्मीदवार | पार्टी | प्राप्त वोट |
| कलिता माझी | BJP | 1,07,692 |
| श्यामा प्रसन्न लोहार | TMC | 95,157 |
| चंचल कुमार माझी | CPI(M) | 16,478 |
| तापस बराल | कांग्रेस | 2,082 |
| निहार कुमार हाजरा | निर्दलीय | 994 |
जीत का अंतर: 12,535 वोट।
संघर्ष और उम्मीद की नई परिभाषा
बीजेपी सांसद पी. सी. मोहन ने ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर कलिता माझी की इस उपलब्धि को सराहा है। उन्होंने लिखा, “यही भाजपा की ताकत है, जहां एक आम नागरिक भी आगे बढ़ सकता है और एक सचमुच प्रेरणादायक कहानी लिख सकता है।”
औसग्राम जैसे क्षेत्र में, जहां दशकों से पारंपरिक राजनीति का दबदबा रहा है, वहां कलिता माझी की जीत केवल एक चुनावी परिणाम नहीं है, बल्कि यह उन लाखों वंचितों के लिए उम्मीद की एक किरण है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने की हिम्मत रखते हैं। संघर्षों से भरी जिंदगी जी रहीं कलिता ने कभी नहीं सोचा था कि वे विधानसभा की दहलीज तक पहुंचेंगी, लेकिन आज उन्होंने इतिहास रच दिया है।




