जयपुर के शहीद स्मारक पर NEET पेपर लीक प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच अभिजीत दीपके को पड़े थप्पड़: समर्थकों ने हमलावरों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, पुलिस ने 6 को दबोचा

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर से इस वक्त की बेहद बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। जयपुर के ऐतिहासिक शहीद स्मारक पर नीट (NEET) पेपर लीक, चरमराती शिक्षा व्यवस्था और देश में बढ़ती बेरोजगारी को लेकर चल रहे एक बड़े छात्र प्रदर्शन के दौरान अचानक भारी हंगामा और हिंसक झड़प हो गई। प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के फाउंडर और चर्चित सोशल मीडिया एक्टिविस्ट अभिजीत दीपके पर कुछ अज्ञात युवकों ने अचानक हमला बोल दिया। आरोप है कि करीब 8 युवकों ने सुरक्षा घेरा तोड़कर अभिजीत दीपके को सरेआम थप्पड़ जड़ दिए।

इस अप्रत्याशित हमले के बाद धरना स्थल पर मौजूद सैकड़ों सीजेपी समर्थकों और छात्रों का गुस्सा भड़क उठा। समर्थकों ने फौरन जवाबी कार्रवाई करते हुए हमलावरों की घेराबंदी की और उनमें से दो युवकों को रंगे हाथों पकड़कर बीच सड़क पर दौड़ा-दौड़ा कर पीट दिया। देखते ही देखते पूरा शहीद स्मारक अखाड़े में तब्दील हो गया और चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई। मौके पर तैनात भारी पुलिस बल ने तुरंत दखल देकर स्थिति को संभाला और लाठियां भांजकर दोनों पक्षों को अलग किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए थप्पड़ मारने वाले गुट के राकेश गुर्जर और रोहित वैष्णव समेत 6 युवकों को मौके से ही हिरासत में ले लिया है, जिन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच विधायकपुरी थाने ले जाया गया है।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े थे छात्र, ‘दिल्ली चलो’ के नारे के साथ 20 जून का अल्टीमेटम

जयपुर का यह प्रदर्शन हाल ही में हुए नीट (NEET) मेडिकल प्रवेश परीक्षा के पेपर लीक और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कथित अनियमितताओं के खिलाफ आयोजित किया गया था। शहीद स्मारक पर सुबह से ही सैकड़ों की संख्या में छात्र, युवा और अभिभावक तिरंगा झंडा और ‘पेपर लीक बंद करो’ व ‘मुझे देश से प्यार है, भ्रष्टाचार अस्वीकार है’ जैसे कड़े नारों वाले पोस्टर लेकर जुटे थे। प्रदर्शनकारियों का मुख्य गुस्सा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ था और अभिजीत दीपके के नेतृत्व में लगातार उनके इस्तीफे की मांग की जा रही थी। यहां तक कि कार्यकर्ताओं ने शहीद स्मारक के मुख्य गेट पर प्रतीकात्मक रूप से कॉकरोच की तस्वीरें बनाकर शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी लिखी थी।

इस बड़े थप्पड़कांड और हंगामे के बाद भी सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके ने पीछे हटने के बजाय मंच संभाला और बेहद आक्रामक अंदाज में प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। अपने चेहरे पर लगी चोटों के बीच दीपके ने हुंकार भरते हुए नारा लगाया कि ‘देश में अब हिंदू-मुस्लिम की राजनीति नहीं चलेगी, नहीं चलेगी।’ उन्होंने कहा कि युवाओं को असली मुद्दों से भटकाने के लिए जाति और धर्म के नाम पर बांटने की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन छात्र इस जाल में नहीं फंसेंगे। उन्होंने देशव्यापी आंदोलन का बिगुल फूंकते हुए ‘दिल्ली चलो’ का नारा दिया और एलान किया कि आगामी 20 जून को देश भर के छात्र दिल्ली कूच करेंगे और इस बार बिना शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के वापस नहीं लौटेंगे।

आपस में भिड़े कई गुट, अराजकता का फायदा उठाकर प्रदर्शनकारियों के दर्जनों मोबाइल उड़े

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि प्रदर्शन के दौरान केवल बाहरी हमलावरों का ही मुद्दा नहीं था, बल्कि पंडाल के भीतर भी कई छात्र गुटों के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहसबाजी हो रही थी। मंच से भाषण और नारेबाजी के दौरान कुछ स्थानीय युवकों के बीच आपस में ही लात-घूंसे चल गए, जिसके बाद पुलिस ने एक अन्य उपद्रवी युवक को भी हिरासत में लेकर वैन में बिठाया।

इस भारी अफरा-तफरी और अराजकता का फायदा उठाकर धरना स्थल पर सक्रिय जेबकतरों और चोरों के एक गिरोह ने भी बड़ा हाथ साफ कर दिया। प्रदर्शन में शामिल हुए दर्जनों छात्रों और महिलाओं के कीमती मोबाइल फोन और पर्स अचानक गायब हो गए। जब एक के बाद एक कई लोगों के फोन चोरी होने की शिकायतें सामने आईं, तो सीजेपी के मुख्य मंच से बकायदा अनाउंसमेंट कर लोगों को अपने सामान और मोबाइल की सुरक्षा खुद करने की बार-बार भावुक अपील की गई।

यह किसी संगठन का नहीं, देश के करोड़ों शोषित छात्रों और अभिभावकों का आंदोलन: आशुतोष रांका

जयपुर में हुई इस हिंसक घटना और थप्पड़कांड की चौतरफा निंदा हो रही है। मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सीजेपी (CJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने जयपुर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह हमला आंदोलन को कुचलने और छात्रों की आवाज को दबाने की एक सोची-समझी कायरतापूर्ण साजिश है। उन्होंने साफ किया कि यह लड़ाई किसी एक राजनीतिक दल या संगठन की निजी लड़ाई नहीं है, बल्कि यह देश के उन लाखों-करोड़ों ईमानदार छात्रों, युवाओं और उनके गरीब अभिभावकों की लड़ाई है जिनकी गाढ़ी कमाई और भविष्य को पेपर लीक माफिया मिलकर बर्बाद कर रहे हैं।

रांका ने कहा कि देश की पूरी शिक्षा व्यवस्था इस वक्त वेंटिलेटर पर है, भर्तियों में लगातार भ्रष्टाचार हो रहा है और जब युवा अपने हक के लिए शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रदर्शन कर रहे हैं, तो उन पर भाड़े के गुंडों से हमले करवाए जा रहे हैं। उन्होंने राजस्थान सरकार से पकड़े गए सभी 6 आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

विधायकपुरी थाने में दोनों तरफ से तहरीर, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच में जुटी राजस्थान पुलिस

जयपुर के विधायकपुरी थाना पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर बेहद सतर्क रुख अपनाया है। थाना प्रभारी गुरप्रीत कौर ने बताया कि थप्पड़ मारने और उसके बाद हुई मारपीट के मामले में दोनों ही पक्षों (अभिजीत दीपके गुट और राकेश गुर्जर गुट) की ओर से थाने में लिखित शिकायतें और क्रास-तहरीर दी गई हैं। पुलिस ने कानून व्यवस्था को प्रभावित करने और मारपीट करने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस का कहना है कि शहीद स्मारक और उसके आसपास के चौराहों पर लगे सरकारी और निजी सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को सर्विलांस टीम की मदद से खंगाला जा रहा है। वीडियो साक्ष्यों के जरिए यह बारीकी से देखा जा रहा है कि हमले की शुरुआत किसने की थी और मंच के पास सुरक्षा में कहां चूक हुई। पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि मामला बेहद संवेदनशील है और जांच के अधीन है, जो भी व्यक्ति कानून हाथ में लेता हुआ पाया जाएगा, उसके खिलाफ बिना किसी राजनीतिक दबाव के कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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