पूर्व सपा विधायक के ठिकानों पर ED की ताबड़तोड़ छापेमारी: लखनऊ-झांसी में एक साथ दी दबिश, 60 मामलों में जांच

लखनऊ/झांसी। उत्तर प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गलियारे से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की अलग-अलग टीमों ने बुधवार सुबह समाजवादी पार्टी (SP) के कद्दावर नेता और झांसी की गरौठा सीट से पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव के कई ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की है।

यह बड़ी कार्रवाई धनशोधन (Money Laundering) के एक मामले में उत्तर प्रदेश विजिलेंस एस्टेब्लिशमेंट द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर (FIR) के आधार पर की जा रही है। ईडी की टीमें लखनऊ और झांसी में एक साथ सक्रिय होकर संपत्ति के दस्तावेजों, डिजिटल डिवाइस और वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड खंगालने में जुटी हैं।

तड़के शुरू हुई कार्रवाई; लखनऊ के दो फ्लैट और साले के घर पर भी दबिश

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय जांच एजेंसी की टीमों ने बुधवार तड़के ही पूरी तैयारी के साथ पूर्व विधायक के ठिकानों पर मोर्चा संभाल लिया था। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच निम्नलिखित प्रमुख स्थानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है:

  • लखनऊ में कार्रवाई: राजधानी लखनऊ के सरोजनी नगर क्षेत्र में स्थित कानपुर रोड के ‘सनराइज अपार्टमेंट’ और एल्डिको कॉलोनी स्थित एक बहुमंजिला अपार्टमेंट की छठी मंजिल पर बने फ्लैट समेत दो ठिकानों पर ईडी के अधिकारी जांच कर रहे हैं।
  • झांसी में रेड: झांसी में पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव के पैतृक गांव स्थित मुख्य आवास पर छापेमारी की गई है। इसके साथ ही, जांच की आंच उनके साले के घर तक भी पहुंच चुकी है, जहां एक टीम तलाशी अभियान चला रही है।

60 आपराधिक मामलों के चक्रव्यूह में घिरे पूर्व विधायक

ईडी की यह कार्रवाई महज एक मामला नहीं, बल्कि पूर्व विधायक के लंबे आपराधिक इतिहास से जुड़े वित्तीय साम्राज्य की जांच का हिस्सा है। शुरुआती जांच और विजिलेंस की रिपोर्ट के अनुसार, दीप नारायण सिंह यादव के खिलाफ उत्तर प्रदेश के अलग-अलग थानों में 23 से अधिक एफआईआर और लगभग 60 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

इन मामलों में धोखाधड़ी, जालसाजी (Forgery), रंगदारी (Extortion), हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) और डकैती जैसे बेहद गंभीर आरोप शामिल हैं। ये सभी मुकदमे भारतीय दंड संहिता (IPC), उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट और गुंडा एक्ट जैसी कड़ी धाराओं के तहत दर्ज हैं। ईडी अब इन्हीं अपराधों के जरिए जुटाए गए अवैध धन (Proceeds of Crime) और मनी लॉन्ड्रिंग के कोण की जांच कर रही है।

डिजिटल डिवाइस कब्जे में, परिवार और स्टाफ की आवाजाही पर रोक

छापेमारी के दौरान संबंधित परिसरों की सुरक्षा बेहद सख्त कर दी गई है। जांच प्रक्रिया पूरी होने तक फ्लैट और मकानों के भीतर मौजूद परिवार के सदस्यों और घरेलू कर्मचारियों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। किसी भी बाहरी व्यक्ति को अंदर आने या अंदर से किसी को बाहर जाने की अनुमति नहीं है।

ईडी के अधिकारियों ने पूर्व विधायक के ठिकानों से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, चल-अचल संपत्तियों की रजिस्ट्रियां, बैंकिंग और वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड समेत मोबाइल और लैपटॉप जैसे डिजिटल उपकरणों को अपने कब्जे में ले लिया है। फिलहाल, मौके पर मौजूद किसी भी वरिष्ठ अधिकारी ने इस रेड को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। दस्तावेजों के मिलान और पूछताछ का सिलसिला लगातार जारी है।

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