नई दिल्ली (राजधानी न्यूज): पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में मिली ऐतिहासिक चुनावी सफलता के बाद दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। 47 मिनट के अपने भाषण में पीएम ने भाजपा की जीत को ‘साधना की सिद्धि’ बताया और बंगाल के लिए कई बड़े वादों की झड़ी लगा दी।
बंगाल के लिए पीएम के ‘संकल्प’
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि बंगाल की जनता ने बदलाव के लिए वोट दिया है। राज्य की नई सरकार के गठन पर उन्होंने निम्नलिखित वादों को प्राथमिकता दी:
आयुष्मान भारत: राज्य की पहली कैबिनेट बैठक में ही आयुष्मान भारत योजना को मंजूरी दी जाएगी।
घुसपैठ पर प्रहार: सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा और रोजगार: बंगाल में महिलाओं को सुरक्षित माहौल दिया जाएगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे। पलायन को रोकने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
Speaking from the @BJP4India HQ in Delhi. https://t.co/Eu15QXV34v
— Narendra Modi (@narendramodi) May 4, 2026
‘गंगोत्री से गंगासागर’ तक कमल का विजय रथ
पीएम मोदी ने अपनी जीत के दायरे को गंगा के बहाव से जोड़ते हुए कहा, “पिछले साल मैंने कहा था कि गंगा जी बिहार से होते हुए गंगासागर तक जाती हैं। आज बंगाल की जीत के साथ ही गंगोत्री (उत्तराखंड) से लेकर गंगासागर तक कमल ही कमल खिला है।” उन्होंने कहा कि उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और अब पश्चिम बंगाल—आज मां गंगा के तट पर बसे इन सभी राज्यों में भाजपा-एनडीए की सरकारें हैं।
‘बदला नहीं, बदलाव चाहिए’
पीएम ने बंगाल में हिंसा के दौर को खत्म करने का आह्वान करते हुए कहा, “आज बंगाल भय-मुक्त हुआ है। आज जब भाजपा जीती है, तो हमें ‘बदला’ नहीं, ‘बदलाव’ की बात करनी है। हिंसा के अंतहीन चक्र को हमेशा के लिए समाप्त करना होगा।” उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे वोटिंग पैटर्न से ऊपर उठकर राष्ट्र निर्माण में जुटें।

कम्युनिज्म और नारी शक्ति पर प्रहार
प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा:
कम्युनिज्म का अंत: आज देश में एक भी राज्य ऐसा नहीं है जहां कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार हो। यह सिर्फ सियासत का नहीं, बल्कि देश की सोच का बदलाव है।
महिला आरक्षण: नारी शक्ति को रोकने वालों और महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करने वालों को जनता ने सबक सिखाया है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण का विरोध करने वाले दलों को महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ा है।




