शंकराचार्य से मिले अखिलेश यादव, जमीन पर बैठकर लिया आशीर्वाद; राम मंदिर चोरी पर बोले- “जांच हुई तो 99% भाजपाई निकलेंगे, भगदड़ शुरू”

लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार (9 जुलाई 2026) सुबह फैजुल्लागंज स्थित जगन लाल यादव गेस्ट हाउस पहुंचकर ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात की। करीब 30 मिनट तक चली इस मुलाकात के दौरान अखिलेश यादव जमीन पर बैठे नजर आए और उन्होंने शंकराचार्य का आशीर्वाद लिया।

शंकराचार्य इन दिनों देश में गाय को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिलाने के लिए 81 दिवसीय ‘गविधि (गोरक्षार्थ-धर्मयुद्ध) यात्रा’ निकाल रहे हैं, जिसके तहत वे बुधवार को लखनऊ पहुंचे थे। मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने अयोध्या राम मंदिर में हुए चढ़ावा घोटाले और विपक्ष के ठिकानों पर हो रही ईडी-विजिलेंस की छापेमारी को लेकर भाजपा सरकार पर तीखे राजनीतिक बाण चलाए।

शंकराचार्य का बड़ा बयान: “नया मुख्यमंत्री आएगा, तब होगी तगड़ी कार्रवाई”

मुलाकात के दौरान राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले का मुद्दा गरमाया रहा। बातचीत में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने साफ शब्दों में कहा कि मंदिर में घोटाला हुआ है। जब उनसे पूछा गया कि क्या मुख्यमंत्री जी कार्रवाई कर रहे हैं? तो शंकराचार्य ने कहा:

“वह (योगी आदित्यनाथ) कह रहे हैं कि कार्रवाई होगी। कार्रवाई तो होगी, लेकिन जब प्रदेश में नया मुख्यमंत्री आएगा, तब इस मामले में असली और तगड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

अखिलेश यादव ने भी शंकराचार्य की चिंता को दोहराते हुए कहा कि स्वामी जी गोमाता की स्थिति को लेकर बहुत चिंतित हैं और वह ऐसा कानूनी रास्ता तलाश रहे हैं जिससे गोमाता को राष्ट्रीय सम्मान मिल सके।

अखिलेश यादव के भाजपा पर 4 बड़े और तीखे हमले

बाहर आने के बाद सपा प्रमुख ने मीडिया के सामने सिलसिलेवार ढंग से सरकार को घेरा:

1. श्रीराम की मर्यादा को भाजपा ने तोड़-मरोड़कर रख दिया

अखिलेश ने कहा, “भाजपा के विचार केवल वोट के लिए बदलते हैं। इनके लिए धर्म नहीं, बल्कि ‘धन’ प्राथमिकता है। दुनियाभर के सनातनी इस वक्त अयोध्या की घटना से बेहद चिंतित हैं। भाजपा ने अपने राजनीतिक स्वार्थ में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की मर्यादा को ही तोड़-मरोड़कर रख दिया है। अब सब कुछ रिकॉर्ड में है, जनता समझ रही है।”

2. मंदिर स्टाफ की CDR निकालें, 99% भाजपाई निकलेंगे

राम मंदिर ट्रस्ट के इस्तीफों और एसआईटी (SIT) जांच को अखिलेश ने महज एक लीपापोती करार दिया। उन्होंने कहा, “हमारे धर्म में चढ़ावे की चोरी महापाप है और इन्होंने यह महापाप किया है। मंदिर परिसर और प्रबंधन में काम करने वाले सभी लोगों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकाल दी जाए, तो 99% लोग भाजपा से जुड़े निकलेंगे। इसके बाद भाजपा में ऐसी भगदड़ मचेगी जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती। कई लोग तो अभी से ही मेरे संपर्क में आ चुके हैं। जो एसआईटी जांच कर रही है, उसके खुद एक सदस्य पर 420 का मुकदमा दर्ज है।”

3. ध्यान भटकाने के लिए सपा नेताओं पर हो रही कार्रवाई

सपा विधायक दीप नारायण सिंह और रिटायर्ड एआरटीओ के घर हुई छापेमारी पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश ने कहा, “आज अखबारों में छपा है कि किसी की दीवारों से नोटों के बंडल निकल रहे हैं। इस मुख्य मुद्दे से जनता का ध्यान भटकाने के लिए विपक्ष और सपा के नेताओं पर ताबड़तोड़ कार्रवाइयां की जा रही हैं। जो नेता पहले से ही वर्षों जेल में रहा, उसके यहां दोबारा छापे मारे जा रहे हैं। भाजपा राजनीति में ऐसी दमनकारी संस्कृति न लाए। आज वे सत्ता पक्ष में हैं, कल वे भी विपक्ष में होंगे। उन्हें खुद को विपक्ष की जगह रखकर देखना चाहिए।”

4. सीएम इतनी बार अयोध्या गए, फिर भी चोरी नहीं पकड़ पाए

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 10 जुलाई को प्रस्तावित अयोध्या दौरे पर चुटकी लेते हुए सपा प्रमुख ने कहा, “मुख्यमंत्री जी इतनी बार अयोध्या गए, लेकिन फिर भी अपनी नाक के नीचे हो रही चोरी को नहीं पकड़ पाए। अब उनके जाने से क्या होने वाला है? सुना है आजकल वहां जेबकतरे भी खूब सक्रिय हैं।”

यदुवंशियों के लिए गाय हमेशा से पूज्य: डिंपल यादव

गौरतलब है कि पिछले महीने शंकराचार्य की यह यात्रा जब सैफई पहुंची थी, तब सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव और मैनपुरी सांसद डिंपल यादव ने भी शंकराचार्य का भव्य स्वागत किया था। तब डिंपल यादव ने कहा था, “हम यदुवंशी लोग हैं और गाय हमारे लिए हमेशा से पूज्य रही है। गोमाता के संरक्षण के लिए हमसे जो बन पड़ेगा, हम पूरी ताकत से करेंगे।” 4 महीने के भीतर अखिलेश यादव की शंकराचार्य से यह दूसरी आधिकारिक मुलाकात है।

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