प्रतापगढ़ में सपा विधायक के खिलाफ साइबर थाने में मुकदमा दर्ज; कंगना रनौत और सायोनी घोष को लेकर किया था ‘विवादास्पद’ फेसबुक पोस्ट

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से इस वक्त की एक बड़ी राजनीतिक और कानूनी खबर सामने आ रही है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की फायरब्रांड नेता और मंडी से नवनिर्वाचित सांसद कंगना रनौत पर सोशल मीडिया के जरिए तंज कसना समाजवादी पार्टी (SP) के वरिष्ठ विधायक को भारी पड़ गया है। प्रतापगढ़ की रानीगंज विधानसभा सीट से सपा विधायक डॉ. राकेश कुमार वर्मा (आरके वर्मा) के खिलाफ पुलिस ने गंभीर धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।

यह पूरी कानूनी कार्रवाई विधायक द्वारा अपने ऑफिशियल फेसबुक पेज पर 17 जून 2026 को शेयर की गई एक पोस्ट को लेकर हुई है। इस पोस्ट में विधायक ने कंगना रनौत और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद सायोनी घोष का नाम लेते हुए एक विवादित कविता/शायरी लिखी थी। इस मामले को लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के स्थानीय नेताओं ने कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे सीधे तौर पर महिला सम्मान के खिलाफ बताया है, जिसके बाद यूपी पुलिस एक्शन मोड में आ गई है।

क्या लिखा था सपा विधायक आरके वर्मा ने अपने फेसबुक पोस्ट में? जानिए पूरा विवाद

सपा विधायक आरके वर्मा ने अपने फेसबुक हैंडल पर एक कोलाज फोटो पोस्ट की थी। इस फोटो में सबसे ऊपर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगी थी, जिसके दाईं और बाईं तरफ एक तरफ बॉलीवुड अभिनेत्री व सांसद कंगना रनौत और दूसरी तरफ टीएमसी की चर्चित सांसद सायोनी घोष की तस्वीरें सेट की गई थीं। इस विवादित पोस्ट के सबसे नीचे खुद सपा विधायक की फोटो लगी थी।

तस्वीरों से ज्यादा इस पोस्ट के साथ लिखे गए कैप्शन (lines) ने सियासी गलियारों में आग लगा दी। विधायक आरके वर्मा ने लिखा था:

“कंगना मैडम बचकर रहना, रखना पूरा होश..कहीं आपकी जगह न हथिया ले ये सायोनी घोष।”

इस पोस्ट के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर भाजपा समर्थकों और सपा कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस छिड़ गई। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर अब तक खुद सांसद कंगना रनौत या समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

भाजयुमो जिलाध्यक्ष अंशुमान सिंह ने दर्ज कराया केस; बोले- ‘सपा का चरित्र हमेशा से महिला विरोधी रहा’

सपा विधायक की इस पोस्ट के खिलाफ भाजपा युवा मोर्चा के प्रतापगढ़ जिलाध्यक्ष अंशुमान सिंह ने मोर्चा खोल दिया। अंशुमान सिंह ने फौरन पार्टी के विधि प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों के साथ प्रतापगढ़ के हाईटेक साइबर थाने पहुंचकर विधायक राकेश कुमार वर्मा के खिलाफ लिखित तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने सूचना प्रौद्योगिकी (IT Act) और अन्य सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है।

मुकदमा दर्ज कराने के बाद भाजयुमो जिलाध्यक्ष अंशुमान सिंह ने मीडिया से बात करते हुए सपा विधायक पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “एक जिम्मेदार और सार्वजनिक मंच पर बैठे जनप्रतिनिधि द्वारा देश की एक माननीय महिला सांसद के खिलाफ इस तरह की अमर्यादित और अभद्र भाषा का प्रयोग करना बेहद निंदनीय है। यह पूरी तरह से महिला सम्मान के विपरीत है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है। समाजवादी पार्टी का चरित्र हमेशा से ऐसा ही दोहरा और महिला विरोधी रहा है।” अंशुमान सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि इससे कुछ दिनों पूर्व इसी विधायक ने पवित्र रामचरितमानस पर भी विवादित टिप्पणी की थी, लेकिन तब वे कानूनी कार्रवाई से बच गए थे, मगर इस बार उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।

साइबर सेल और पुलिस जुटाई रही डिजिटल सबूत; इंस्पेक्टर बोले- ‘इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की हो रही जांच’

प्रतापगढ़ के साइबर थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच तेज कर दी है। केस की विवेचना कर रहे साइबर थाने के इंस्पेक्टर राजीव कुमार तिवारी ने बताया कि विधायक के खिलाफ मिली शिकायत के आधार पर केस डायरी तैयार कर ली गई है।

इंस्पेक्टर तिवारी के मुताबिक, पुलिस की सोशल मीडिया और सर्विलांस विंग इस वक्त उक्त फेसबुक पोस्ट के डिजिटल फुटप्रिंट्स और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स को सुरक्षित करने में जुटी है। इस बात की तकनीकी जांच की जा रही है कि यह पोस्ट किस डिवाइस से और कहां से अपलोड की गई थी। सभी डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को कोर्ट के समक्ष साक्ष्य के रूप में पेश करने के लिए पूरी कानूनी और वैज्ञानिक प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

‘यह केवल सत्ता का अहंकार है, इसमें आपत्तिजनक क्या?’- एफआईआर पर भड़के सपा विधायक

दूसरी तरफ, अपने खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की खबर मिलते ही रानीगंज के सपा विधायक आरके वर्मा ने भाजपा सरकार और स्थानीय संगठन पर पलटवार किया है। विधायक ने कहा कि यह मुकदमा पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है और भाजपा के ‘सत्ता के अहंकार’ को दर्शाता है।

विधायक ने अपनी पोस्ट का बचाव करते हुए तर्क दिया, “इस पोस्ट में आखिर किसका अपमान हुआ है और क्या आपत्तिजनक है? सायोनी घोष हमारे विपक्षी गठबंधन (INDIA Alliance) की एक बड़ी नेता और सांसद हैं। मीडिया में लगातार खबरें चल रही हैं कि भाजपा ने ईडी-सीबीआई का दबाव बनाकर उन्हें अपनी पार्टी में शामिल करने का जाल बुना है। चूंकि कंगना रनौत भी फिल्म इंडस्ट्री से आती हैं और भाजपा में उनका बड़ा कद है, इसलिए मैंने उन्हें एक शुभचिंतक के नाते केवल सावधान रहने की सलाह दी थी कि कहीं भाजपा में आने के बाद सायोनी घोष आपकी जगह न ले लें। भाजपा इस साधारण से राजनीतिक तंज को भी बर्दाश्त नहीं कर पा रही है।”

आखिर कौन हैं सायोनी घोष और क्यों चर्चा में है उनका नाम?

इस पूरे विवाद के केंद्र में आईं सायोनी घोष पश्चिम बंगाल की राजनीति और सिनेमा का एक बेहद चर्चित चेहरा हैं। सायोनी मूल रूप से एक लोकप्रिय बंगाली अभिनेत्री हैं, जिन्होंने कई सुपरहिट बंगाली फिल्मों और टेलीविजन धारावाहिकों में मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। कला के क्षेत्र में नाम कमाने के बाद उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) का दामन थामा था और पार्टी ने उन्हें अपनी युवा इकाई (Youth Wing) का राष्ट्रीय अध्यक्ष जैसी बेहद अहम जिम्मेदारी सौंपी थी। साल 2024 के लोकसभा चुनाव में वह पश्चिम बंगाल से सांसद चुनी गई थीं।

हाल के दिनों में सायोनी घोष टीएमसी के भीतर चल रहे आंतरिक मतभेदों और अपने बागी रुख के कारण राष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में हैं। राजनीतिक गलियारों में यह कयास बेहद तेज हैं कि वे जल्द ही टीएमसी छोड़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम सकती हैं। दरअसल, कुछ दिनों पूर्व संसद सत्र के दौरान ममता बनर्जी के जिन 17 बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) से बंद कमरे में मुलाकात की थी, उनमें सायोनी घोष का नाम भी प्रमुखता से शामिल था। इसी राजनीतिक घटनाक्रम को आधार बनाकर सपा विधायक ने कंगना रनौत पर यह तंज कसा था, जो अब एक बड़ा कानूनी बखेड़ा बन चुका है।

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