वडोदरा/लखनऊ (राजधानी न्यूज): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक ऊर्जा और आर्थिक संकट के बीच लगातार दूसरे दिन देशवासियों को ‘आत्मनिर्भर’ और ‘संयमित’ होने का कड़ा संदेश दिया है। वडोदरा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने न केवल पेट्रोल-डीजल बल्कि सोने और खाद्य तेल के उपयोग में भी कटौती की अपील की। साथ ही, 11 मई की ऐतिहासिक तिथि का उल्लेख करते हुए उन्होंने सोमनाथ मंदिर और पोकरण परमाणु परीक्षण के जरिए भारत के स्वाभिमान और अदम्य साहस की याद दिलाई।
“सोने की जरूरत नहीं, देश का पैसा बचाएं”
प्रधानमंत्री ने वडोदरा में जनता को संबोधित करते हुए संसाधनों के विवेकपूर्ण इस्तेमाल पर जोर दिया। उनके संबोधन के मुख्य बिंदु:
- गोल्ड पर ब्रेक: पीएम ने कहा कि सोने के आयात पर देश की एक बड़ी विदेशी मुद्रा खर्च होती है। जब तक वैश्विक हालात सामान्य नहीं होते, हमें सोने की खरीद टालनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “फिलहाल गोल्ड की जरूरत नहीं है।”
- ईंधन में कटौती: उन्होंने लोगों से निजी वाहनों के बजाय मेट्रो, इलेक्ट्रिक बसों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल की अपील की।
- खाद्य तेल का ‘तेल’: मोदी ने खाने के तेल की खपत कम करने को कहा ताकि आयात पर निर्भरता घटे। उन्होंने इसे सेहत और देश की अर्थव्यवस्था दोनों के लिए फायदेमंद बताया।
- डिजिटल लाइफ: उन्होंने कंपनियों से ‘वर्क फ्रॉम होम’ देने और स्कूलों को ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने की संभावनाओं पर विचार करने को कहा ताकि सड़कों पर गाड़ियों का दबाव और ईंधन का खर्च कम हो सके।
Speaking at the inauguration of Sardardham Hostel in Vadodara. https://t.co/n6YSMRiWyq
— Narendra Modi (@narendramodi) May 11, 2026
पोकरण-2 की बरसी: “दुनिया हिल गई थी, हम दबे नहीं”
आज 11 मई है, जिसे भारत ‘राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस’ के रूप में मनाता है। 1998 में आज ही के दिन अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने पोकरण में परमाणु परीक्षण किया था।
- ऑपरेशन शक्ति: पीएम ने कहा कि जब भारत ने परमाणु परीक्षण किया, तब दुनिया की बड़ी शक्तियां हमें दबोचने के लिए मैदान में उतर आई थीं। हम पर प्रतिबंध लगाए गए, लेकिन हम डरे नहीं।
- विरासत और आधुनिकता: सोमनाथ मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के 75 साल पूरे होने पर पीएम ने कहा कि सोमनाथ हमें अपनी जड़ों से जुड़ना सिखाता है। उन्होंने तंज कसा कि देश में सांस्कृतिक स्थलों के पुनर्निर्माण पर राजनीति और तुष्टिकरण का खेल लंबे समय तक चला, लेकिन अब भारत को कोई दबा नहीं सकता।
विदेशी भारतीयों से खास अपील: ‘5 मेहमान भारत लाइए’
प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीयों (NRIs) से एक विशेष ‘टारगेट’ की मांग की। उन्होंने कहा कि हर विदेशी भारतीय कम से कम पांच विदेशी मेहमानों को भारत घूमने के लिए प्रेरित करे। इससे भारत के पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और विदेशी मुद्रा का प्रवाह बढ़ेगा।
The Lucknow 360: विश्लेषण
प्रधानमंत्री मोदी के पिछले दो दिनों के भाषणों से यह संकेत मिलता है कि भारत सरकार ‘भुगतान संतुलन’ (Balance of Payment) को लेकर बेहद सतर्क है। युद्ध और बढ़ते आयात बिल के कारण सरकार नहीं चाहती कि विदेशी मुद्रा भंडार पर ऐसा दबाव आए जिससे रुपया कमजोर हो। सोमनाथ और पोकरण का जिक्र कर प्रधानमंत्री ने जनता के भीतर ‘राष्ट्रवाद’ की उस भावना को जगाने की कोशिश की है, जिससे वे आर्थिक ‘त्याग’ के लिए तैयार हो सकें।





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